शब्दार्थ
लौलाक
laulāk
hinoun
अर्थ
'यदि तुम न होते'; पैगंबर मुहम्मद की ओर संकेत।
विस्तार
यह अरबी हदीस-ए-क़ुदसी 'लौलाक लमा ख़लक़्तुल अफ़लाक' (यदि आप न होते तो मैं कायनात न बनाता) की एक प्रसिद्ध तल्मीह है। उर्दू और फ़ारसी शायरी में इसका प्रयोग पैगंबर मुहम्मद की शान और रुतबे के लिए किया जाता है। इस शेर में 'साहिब-ए-लौलाक' का अर्थ नबी के उसवे और रूहानी ताल्लुक़ से जुड़ा सच्चा मोमिन होना है।
व्युत्पत्ति
Arabic (لَوْلَا [lawlā, 'if not for'] + كَ [ka, second person singular masculine pronominal suffix])
प्रयोग
Frequently used in Naat and devotional ghazals as an honorific allusion to the cosmic station of the Prophet.
उदाहरण
नूर-ए-लौलाक से रौशन है ज़माना सारा
साहिब-ए-लौलाक की चौखट ही ठिकाना ठहरा
समानार्थी
रसूलमुहम्मदहबीब-ए-ख़ुदा
संबंधित शब्द
साहिब-ए-लौलाकअफ़लाकतल्मीहनात
