शब्दार्थ

लायानी

lā-ya'nī

hiadjective

अर्थ

निरर्थक, व्यर्थ, बेमतलब या निष्फल।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'लायानी' का प्रयोग किसी निरर्थक, बेमतलब या निष्फल कार्य के लिए किया जाता है। प्रस्तुत शेर में यह दिल को शम्अ की तरह नज़ारे की दावत बनाकर पेश करने के व्यर्थ और बेफ़ायदा होने को दर्शाता है। यह आशिक़ की उस लाचारी की ओर संकेत करता है जहाँ भारी त्याग भी बेअसर रह जाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic compound formed from 'lā' (negation, 'not') and 'ya'nī' (third-person imperfect of 'anā, 'it signifies/means'), literally meaning 'that which signifies nothing'.

प्रयोग

Commonly employed in philosophical ghazal verses to convey the absurdity of worldly pursuits and unreciprocated passion.

उदाहरण

लायानी बातों में वक़्त गँवाना

हस्ती का ये लायानी सिलसिला

समानार्थी

बेमानीफ़ज़ूलनिरर्थकबेफ़ायदा

संबंधित शब्द

मानीयानीमा'नी-खेज़
← शब्दकोश पर वापस