शब्दार्थ
ला-मकाँ
lā-makāñ
hinoun
अर्थ
स्थानहीनता; भौतिक सीमाओं से परे ईश्वर का असीम लोक।
विस्तार
सूफ़ी और फलसफ़ियाना शायरी में 'ला-मकाँ' उस असीम और स्थानहीन लोक को कहते हैं जो भौतिक दिशाओं और सीमाओं से परे है। प्रस्तुत शे'र में शायर इस असीम आयाम के सूनेपन पर सवाल उठाते हुए पूछता है कि यह ला-मकाँ ईश्वर का है या इंसान के असीम शौक़ का। यह भौतिक संसार (मकाँ) के विपरीत अलौकिक सत्ता का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Arabic: compound of 'lā' (لا, without/no) and 'makān' (مکان, place/space).
प्रयोग
It is commonly employed in mystical poetry to juxtapose the constrained, mortal world of 'makan' with the infinite, omnipresent reality of God.
उदाहरण
मकाँ की हद से परे ला-मकाँ की वुसअत
ला-मकाँ में है मुक़ीम वो नूर-ए-हक़ीक़ी
समानार्थी
अनंतअर्शअ-स्थानग़ैब
संबंधित शब्द
मकाँआलम-ए-लाहूतइम्कानवुसअत
