शब्दार्थ
लिखा
likhā
hiverb (past participle)
अर्थ
जो लिखा गया हो; भाग्य में बदा हुआ।
विस्तार
यह 'लिखना' क्रिया का भूतकालिक रूप है जिसका शाब्दिक अर्थ 'अंकित' या 'लिखित' है। उर्दू शायरी में यह प्रायः भाग्य, तक़दीर या विधाता के लेख के रूपक के तौर पर प्रयुक्त होता है। मीर के इस शेर में यह सवाल किया गया है कि क्या उनकी तक़दीर ('सर-नविश्त') में यही जुल्म और बर्बादी लिखी थी।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit likhita (लिखित, 'written/scratched') through Prakrit likkhiya, from the verbal root likh-.
प्रयोग
In ghazal poetics, 'likha' is frequently paired with concepts of fate (qismat, taqdir, lawh-o-qalam) to signify unavoidable destiny.
उदाहरण
जो क़िस्मत में लिखा था वही सामने आया।
मिरी पेशानी पे रुसवाई का फ़साना लिखा था।
समानार्थी
रक़मतहरीरमर्क़ूमबदा
संबंधित शब्द
लिखनालेखक़लमसर-नविश्त
