शब्दार्थ
ला-इलाहा-इल्ला-हू
lā-ilāha-illā-hū
अर्थ
उसके सिवा कोई पूज्य नहीं; पूर्ण एकेश्वरवाद का उद्घोष।
विस्तार
यह अरबी का एक पवित्र सूत्र है जिसका अर्थ है 'उस परमेश्वर के सिवा कोई उपास्य नहीं', जो ईश्वरीय एकात्मता का सर्वोच्च प्रतीक है। सूफ़ी और शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह तौहीद (एकेश्वरवाद) और आत्म-विस्मृति की उस अवस्था को दर्शाता है जहाँ 'मैं' और 'तू' का भेद मिट जाता है। इस शेर में इसे एक आध्यात्मिक मदिरा के रूप में चित्रित किया गया है जो द्वैत के संसार को नष्ट कर देती है।
व्युत्पत्ति
Arabic: composed of 'lā' (no), 'ilāha' (deity), 'illā' (except), and 'hū/huwa' (He/Allah).
प्रयोग
In classical ghazal, it is frequently invoked as a metaphor for mystic wine that dissolves the ego and brings liberation from duality.
उदाहरण
दिल में गूँजती रही सदा-ए-ला-इलाहा-इल्ला-हू।
मय-ए-ला-इलाहा-इल्ला-हू ने हर द्वैत मिटा दिया।
