शब्दार्थ

ला-इलाह

lā-ilāh

hiphrase

अर्थ

कोई पूज्य नहीं; असत्य देवों का नकार या निषेध।

विस्तार

इस्लामी तसव्वुफ़ और शायरी में 'ला-इलाह' कलिमे का पहला हिस्सा (नफ़ी) है, जिसका अर्थ है सभी असत्य पूज्यों और सांसारिक बुतों का नकार। इस शेर में यह हज़रत इब्राहीम (ख़लील) की तरह बातिल को मिटाने और बुत-शिकनी का प्रतीक है। यह दिखाता है कि सच्ची तौहीद (एकेश्वरवाद) की शुरुआत असत्य के संपूर्ण खंडन से होती है।

व्युत्पत्ति

Arabic: 'lā' (negation, no/not) + 'ilāh' (god/deity).

प्रयोग

In philosophical and Sufi ghazals, it is frequently contrasted with 'illallah' to depict the spiritual journey from denying worldly illusions to realizing divine reality.

उदाहरण

तेग़-ए-ला-इलाह से हर बातिल मिट गया।

दिल ने जब ला-इलाह कहा तब हक़ का नूर चमका।

समानार्थी

नफ़ी-ए-बातिलबुत-शिकनीइन्कार

संबंधित शब्द

इल्लल्लाहतौहीदनफ़ीकलिमा
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