शब्दार्थ
रहती
rahtī
hiverb
अर्थ
बनी रहती, ठहरती या क़ायम रहती है।
विस्तार
क्लासिकल शायरी में यह क्रिया किसी दशा के लगातार बने रहने या ठहरने का बोध कराती है। इस शे'र में इसका प्रयोग 'बे-होशी' (बेख़ुदी) की निरंतरता टूटने के संदर्भ में हुआ है। आशय यह है कि अब विस्मृति की एक जैसी दशा हमेशा नहीं बनी रहती, बल्कि होश और समझ धीरे-धीरे वापस आने लगे हैं।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'रहति' (rahati, to dwell, remain, or stay) through Prakrit into Hindustani 'रहना'.
प्रयोग
Commonly used in ghazals to depict the perpetual, habitual nature of suffering, longing, or mental states associated with love.
उदाहरण
दिल में इक कसक सी रहती है हर दम
यह ख़ामोशी कब तक क़ायम रहती है
समानार्थी
ठहरतीटिकतीबनी रहती
संबंधित शब्द
रहनारहारहेरहन-सहन
