शब्दार्थ
रहिए
rahiye
अर्थ
रहना, ठहरना या वास करना (अनुरोध या संकल्प रूप)।
विस्तार
'रहिए' क्रिया 'रहना' का आदरार्थक अथवा संभावनार्थक रूप है, जिसका अर्थ वास करना या ठहरना होता है। प्रस्तुत शे'र में यह दुनियावी बंधनों और भीड़-भाड़ से कटकर एकांत में जा बसने की एक आत्मचिंतक इच्छा या संकल्प को दर्शाता है। यह सामाजिक संपर्कों और सहानुभूति की व्यर्थता से पैदा हुई विरक्ति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Middle Indo-Aryan Prakrit 'रहइ' (rahai, remains/stays), tracing back to the Sanskrit root 'रहस्' (rahas, loneliness/seclusion) or 'रह्' (rah, to part, leave, abandon).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, this polite imperative is frequently adopted by the poet when delivering melancholic reflections to oneself or articulating philosophical detachment.
उदाहरण
रहिए वहाँ जहाँ कोई फ़रेब न हो।
रखिए दिल को साफ़, रहिए बे-नियाज़।
