शब्दार्थ
रश्क
rashk
hinoun
अर्थ
ईर्ष्या, जलन या दूसरों के सुख से होने वाला द्वेष।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'रश्क' का आशय ईर्ष्या या जलन से है, जो आशिक़ को महबूब के समीप आने वाली हर चीज़ या रक़ीब से होती है। इस शे'र में आशिक़ को इस बात की जलन है कि महबूब का नाज़ुक बदन जनेऊ (ज़ुन्नार) के आगोश में लिपटा है। यह प्रेम में अत्यधिक संवेदनशीलता और डाह की पराकाष्ठा को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian (رشک)
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal tradition either as the agony felt toward a rival or in praise compounds like 'rashk-e-qamar' (the envy of the moon).
उदाहरण
रश्क-ए-चमन
रश्क से जलना
समानार्थी
ईर्ष्याहसदजलनडाह
संबंधित शब्द
रश्क-ए-क़मरग़ैरतरक़ीब
