शब्दार्थ
रमक़
ramaq
hinoun
अर्थ
जीवन का अंतिम अंश, बची-खुची जान या अंतिम सांस।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'रमक़' का अर्थ मृत्यु के निकट व्यक्ति में शेष बची जान या जीवन की अंतिम चिंगारी से है। इस शे'र में यह आशिक़ के भीतर बची उस अधमरी जान की ओर संकेत करता है जो अब केवल अज़ाब और कष्ट का कारण बन गई है। यह जीवन का वह अंतिम अंश है जिसके बचे रहने से पीड़ा और बढ़ जाती है।
व्युत्पत्ति
Arabic (رَمَق)
प्रयोग
In the Urdu ghazal, it is frequently combined as 'ramaq-e-hayaat' to evoke the tragic image of a dying lover whose last breath lingers solely for the beloved.
उदाहरण
अब तो बस जान की इक रमक़ बाक़ी है
रमक़-ए-हयात भी अब तो अज़ाब लगती है
समानार्थी
आख़िरी दमआसार-ए-हयातनज़अ
संबंधित शब्द
रमक़-ए-हयातदमसांस
