शब्दार्थ
रफ़तगी
raftagī
hinoun
अर्थ
बेख़ुदी, आत्म-विस्मृति, सुध-बुध खोना या गुमशुदगी की अवस्था।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'रफ़तगी' का अर्थ बेख़ुदी, सुध-बुध खो जाना या इश्क़ व ग़म के कारण स्वयं से बेगाना हो जाना है। प्रस्तुत शेर में इसे आशिक़ी और बेकसी के साथ उन मानसिक व्याधियों (आज़ारों) में गिना गया है जो जीने को दूभर कर देती हैं।
व्युत्पत्ति
Persian, derived from the verb 'raftan' (to go, depart, pass away) with the abstract noun suffix '-gī'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, raftagī describes the ecstatic or sorrowful loss of conscious selfhood that characterizes the devoted lover.
उदाहरण
आलम-ए-रफ़तगी में अपना भी होश न रहा
इश्क़ की इस रफ़तगी ने दुनिया भुला दी
समानार्थी
बेख़ुदीवारफ़्तगीगुमशुदगी
संबंधित शब्द
रफ़्तावारफ़्तगीरफ़्ता-रफ़्ता
