शब्दार्थ
रफ़्तगाँ
raftagān
अर्थ
गए हुए लोग, दिवंगत; आपे से बाहर बेख़ुद लोग।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'रफ़्तगाँ' का शाब्दिक अर्थ दुनिया से गुज़र चुके लोग या पूर्वज होता है। इस शेर में 'अज़-ख़्वेश रफ़्तगाँ' के संदर्भ में इसका तात्पर्य उन मस्त आशिक़ों या सूफ़ियों से है जो आपे से बाहर और बेख़ुद हो चुके हैं। यहाँ शाइर ज़ाहिरपरस्त शैख़ के दिखावे और इन मस्त-अलंग फ़क़ीरों के गंभीर आदाब के बीच फ़र्क़ दिखा रहा है।
व्युत्पत्ति
Persian: plural form of 'raftah' (departed/gone), from the infinitive 'raftan' (to go, depart), suffixed with the animate plural marker '-ān'.
प्रयोग
Commonly used in classical ghazals either elegiacally for those who have died or mystically in 'az-khwesh-raftagān' for lovers in an ecstatic trance.
उदाहरण
रफ़्तगाँ की याद में महफ़िल आज भी सोगवार है।
अज़-ख़्वेश रफ़्तगाँ के आदाब हर किसी की समझ में नहीं आते।
