शब्दार्थ

रक्खें

rakkheñ

hiverb

अर्थ

रखते हैं, संजोते हैं या धारण करते हैं।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू कविता में 'रक्खें हैं' का प्रयोग वर्तमान काल की आदत के लिए 'रखते हैं' के अर्थ में हुआ है। इस शे'र में इसका तात्पर्य महबूब से अनगिनत उम्मीदें या ख़्वाहिशें दिल में संजोकर रखने से है। यह एक ही जान और दिल में हज़ारों तमन्नाएँ बसाए रखने की विवशता को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit 'rakṣati' (रक्षति, to guard/protect/keep), developing through Prakrit into Hindustani 'rakhnā'.

प्रयोग

In early and classical Rekhta, subjunctive-looking plural verb forms like 'रक्खें हैं' (rakheñ haiñ) were frequently used where modern Urdu-Hindi prefers the habitual aspect 'रखते हैं' (rakhte haiñ).

उदाहरण

क्या कहिए क्या रक्खें हैं हम तुझ से यार ख़्वाहिश

रक्खें हैं सीने में हम कितने दाग़-ए-हसरत

समानार्थी

धारेंसंजोएँपालें

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