शब्दार्थ
रूह
rooh
hinoun
अर्थ
आत्मा, प्राण, जीव, या अंतरात्मा।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'रूह' का अर्थ आत्मा, प्राण या आंतरिक अस्तित्व है, जिसे अक्सर नश्वर शरीर (जिस्म) के बरक्स रखा जाता है। इस शे'र में यह आशिक़ की उस अंतरात्मा को दर्शाती है जो महबूब के ख़याल मात्र से आनंद और कंपन में डूब जाती है।
व्युत्पत्ति
Arabic (رُوح, rūḥ), cognate with concepts of breath, wind, and divine spirit.
प्रयोग
Frequently paired with 'jism' (body) to convey the tension between sensual passion and transcendent spiritual love.
उदाहरण
रूह को चैन मयस्सर न हुआ
जिस्म बे-रूह पड़ा था
समानार्थी
जानआत्माप्राण
संबंधित शब्द
रूहानीजिस्मबे-रूह
