शब्दार्थ
रुस्वाई
ruswaa'ii
hinoun, feminine
अर्थ
बदनामी, अपयश, कलंक या ज़िल्लत।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'रुस्वाई' का तात्पर्य प्रेम या अनपेक्षित भेदों के खुलने से होने वाली बदनामी और जग-हंसाई से है। प्रस्तुत शेर में बनावट और तकल्लुफ़ को बदनामी का साधन (साज़-ए-रुस्वाई) कहा गया है, जो महबूब की शर्म को सरेआम ज़ाहिर कर देता है। यह दर्शाता है कि छुपाने का दिखावा ही अंततः सार्वजनिक अपयश का कारण बनता है।
व्युत्पत्ति
Persian: from rusvā (رسوا, 'disgraced, exposed') + abstract noun suffix -ī (ی-).
प्रयोग
In the ghazal tradition, ruswai is often accepted by the lover as an honorable badge of genuine devotion, even while dreaded on behalf of the beloved.
उदाहरण
कूचा-ए-इश्क़ में रुस्वाई ही आशिक़ का मुक़द्दर ठहरी।
रुस्वाई के ख़ौफ़ से उसने अपना हाल-ए-दिल न कहा।
समानार्थी
बदनामीज़िल्लतफ़ज़ीहतअपयश
संबंधित शब्द
रुस्वासाज़-ए-रुस्वाईइश्क़पर्दा-दरी
