शब्दार्थ
रू-सियाह
roo-siyaah
hiadjective
अर्थ
काले मुँह वाला, कलंकित, अभागा अथवा लज्जित।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ 'काले चेहरे वाला' है, किंतु मुहावरे में यह कलंकित, पापी अथवा अभागे व्यक्ति को दर्शाता है। शास्त्रीय शायरी में शायर प्रायः आत्म-तिरस्कार या विनम्रता के भाव से स्वयं को रू-सियाह कहता है। इस शे'र में यह उस तुच्छ या हीन व्यक्ति के लिए आया है जो शराब को मात्र आमोद-प्रमोद का साधन समझता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'rū' (face) and 'siyāh' (black).
प्रयोग
Commonly used in ghazals to express self-reproach, moral unworthiness, or disdain toward spiritually shallow individuals.
उदाहरण
किस रू-सियाह को गवारा है यह ज़िल्लत
रू-सियाह फिरते हैं महफ़िल में ख़ताकार कई
समानार्थी
बदनामशर्मसारकलंकितरू-सियह
संबंधित शब्द
रू-सियाहीसियाह-कारसियाह-बख़्त
