शब्दार्थ
रास
raas
अर्थ
अनुकूल, मुआफ़िक़, तबीयत के मुवाफ़िक़।
विस्तार
उर्दू शायरी और मुहावरे में 'रास' का उपयोग प्रायः 'रास आना' के रूप में किसी वस्तु या परिस्थिति के तबीयत के अनुकूल बैठने के लिए होता है। प्रस्तुत शे'र में इसका अर्थ है कि बलग़मी (शीतल) मिज़ाज वाले व्यक्ति के लिए शराब की स्वाभाविक गर्मी ही अनुकूल और स्वास्थ्यवर्धक है। यह शारीरिक या मानसिक सामंजस्य और सहमति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Historically connected to Persian 'rāst' (راست, meaning right, straight, true, or fitting), which developed into the Hindustani idiom 'raas aana'.
प्रयोग
In ghazal poetry, 'raas' is almost always paired with the auxiliary verb 'aana' to lament that love, happiness, or a beloved's city did not prove auspicious or suitable for the poet.
उदाहरण
मुझे इस शहर की आब-ओ-हवा रास न आई।
दिल-ए-बेताब को कोई भी ख़ुशी रास न आई।
