शब्दार्थ
रीश
rīsh
hinoun
अर्थ
दाढ़ी; चेहरे के बाल।
विस्तार
शास्त्रीय फ़ारसी और उर्दू शायरी में 'रीश' का अर्थ दाढ़ी होता है, जो प्रायः ज़ाहिद या क़ाज़ी के बाह्य धार्मिक आडंबर पर व्यंग्य करने हेतु प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शे'र में 'रीश-ए-क़ाज़ी' (क़ाज़ी की दाढ़ी) की उपमा शराब के शीशे के मुँह पर लगी सफ़ेद रुई (पुम्बा) से दी गई है। यह शब्द ज़ाहिरी पाकीज़गी और आंतरीक मस्ती के रोचक विरोधाभास को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'rīsh' (beard).
प्रयोग
In ghazal poetry, it is standardly combined in iḍāfa constructions like rīsh-e-zāhid or rīsh-e-qāzī to mock the hypocrisy of moral authorities.
उदाहरण
रीश-ए-सफ़ेद का भरम भी बाक़ी न रहा
रीश-ओ-अमामा से ज़ाहिद की पहचान थी
समानार्थी
दाढ़ीलहियामहसिन
संबंधित शब्द
क़ाज़ीपुम्बा-दहाँरू-सफ़ेदीअमामा
