शब्दार्थ

रूपक

rūpak

hinoun

अर्थ

रूपक, उपमा या लौकिक/सांसारिक स्वरूप

विस्तार

साहित्यिक एवं दार्शनिक संदर्भ में 'रूपक' का अर्थ रूप धारण करना, उपमा या अलौकिक सत्य की लौकिक अभिव्यक्ति है। प्रस्तुत शेर में यह 'मजाज़' (सांसारिक या दृश्य स्वरूप) के अर्थ में आया है, जिसमें अदृश्य सत्य से दृश्य आवरण में प्रकट होने की प्रार्थना की गई है। यह भाव साधक या प्रेमी की उस तड़प को दर्शाता है जो परम सत्य को साकार रूप में पूजना चाहता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'rūpaka' (रूपक), derived from 'rūpa' (form/appearance) + '-ka' (diminutive/forming nouns).

प्रयोग

In mystical and classical poetry, rūpak (or majāz) serves as the indispensable earthly veil through which absolute truth (haqīqat) becomes perceptible to human senses.

उदाहरण

पर्दा-ए-रूपक में पिन्हाँ थी हक़ीक़त की झलक

कभी तो रूपक की सूरत में वो अयाँ होता

समानार्थी

मजाज़इस्तिआरातमसीलसादृश्य

संबंधित शब्द

रूपमजाज़हक़ीक़तआवरण
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