शब्दार्थ
रिंदान
rindaan
hinoun (plural)
अर्थ
मस्तमौला, बेबाक लोग या सूफ़ी साधक (रिंद का बहुवचन)।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'रिंदान' उन मस्तमौला आशिक़ों या बेपरवाह साधकों को कहते हैं जो दिखावटी ज़ुहद को नकार कर सच्चाई की राह चुनते हैं। इस शेर में यह शब्द उन पाकबाज़ और स्वाभिमानी संतों के लिए आया है जो परदेसी साक़ी के आगे हाथ फैलाना अपनी शान के ख़िलाफ़ समझते हैं। यह आत्मसम्मान और रूहानी आज़ादी का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian: plural of 'rind' (رند), formed with the Persian plural suffix '-an' (ان).
प्रयोग
In the ghazal tradition, the 'rind' (and plural 'rindaan') is praised as the noble antithesis of the hypocritical priest ('shaikh' or 'waiz').
उदाहरण
मजलिस-ए-रिंदान में दिखावे की कोई जगह नहीं।
तरीक़ा-ए-रिंदान स्वाभिमान और बेबाकी सिखाता है।
समानार्थी
मयख़्वारआज़ाद-मनेशसाधकमस्तमौला
संबंधित शब्द
रिंदरिंदीरिंदानासाक़ीमयख़ाना
