शब्दार्थ

राज़-दारियाँ

rāz-dāriyāñ

hinoun

अर्थ

भेद छिपाना, गोपनीयता या गुप्त प्रेम-संबंध की वफ़ादारी।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'राज़-दारी' का आशय प्रेम के भेदों को ज़माने से छिपाकर रखने और गोपनीयता बरतने से है। इस शे'र में इसका भाव यह है कि आशिक़ अपनी जान देकर भी महबूब के रहस्यों पर परदा बनाए रखते हैं और क़ब्र में भी अपनी वफ़ा नहीं छोड़ते। यह अंतहीन निष्ठा और प्रेम की गरिमा को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

From Persian 'rāz' (secret) + agent suffix '-dār' (keeper) + abstract suffix '-ī', with the Urdu feminine plural ending '-āñ'.

प्रयोग

Commonly invoked in the ghazal to praise the lover's virtue of guarding the beloved's identity and honour from competitors and moralists.

उदाहरण

हम दोनों के बीच की राज़-दारियाँ ज़माने से पिनहाँ रहीं।

ख़ाक होने पर भी बाक़ी रहीं मोहब्बत की राज़-दारियाँ।

समानार्थी

राज़-पोशीभेद-रक्षागोपनीयता

संबंधित शब्द

राज़-दारराज़परदा-पोशीनिहाँ
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