शब्दार्थ
राज़दार
rāzdār
hinoun / adjective
अर्थ
भेदिया, विश्वासपात्र, रहस्य जानने वाला।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'राज़दार' उस विश्वासपात्र को कहते हैं जो गहरे भेदों या रहस्यों से वाकिफ़ हो। प्रस्तुत शे'र में कलियाँ मुसाफ़िर को चमन के आंतरिक भेदों और बेबसी को जानने वाला समझती हैं। यह शब्द किसी के गहरे मर्म या छुपे हुए सत्य की समझ को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'rāz' (secret) + agentive suffix '-dār' (keeper, possessor).
प्रयोग
Frequently invoked in ghazals to signify either the beloved's trusted companion, the confidant of the lover's grief, or a mystic who perceives divine mysteries.
उदाहरण
कोई तो हो जो दिल के दर्द का राज़दार बने
ग़म-ए-इश्क़ का राज़दार हर कोई नहीं हो सकता
समानार्थी
महरमहमराज़भेदियामुशीर
संबंधित शब्द
राज़राज़दारीपोशीदाअसरार
