शब्दार्थ

राज़

raaz

hinoun

अर्थ

रहस्य, भेद या छिपा हुआ सच।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'राज़' का आशय किसी छिपे हुए भेद या प्रेम के पवित्र रहस्य से होता है। प्रस्तुत शे'र में इससे तात्पर्य माशूक़ के प्रेम की गोपनीयता से है, जिसकी रक्षा करना आशिक़ अपना फ़र्ज़ समझता है। यह रहस्य प्रकट होने पर बदनामी का ख़तरा होता है, इसलिए आशिक़ अपनी जान देने को तैयार है मगर भेद खोलना गंवारा नहीं करता।

व्युत्पत्ति

Persian راز (rāz), meaning a secret, mystery, or esoteric understanding.

प्रयोग

In classical ghazal, 'raaz' often represents the delicate tension between the impulse to articulate passionate love and the strict moral duty to maintain concealment.

उदाहरण

राज़-ए-उल्फ़त छुपाए न छुपा

दिल का राज़ लबों पर न आया

समानार्थी

भेदरहस्यगोपनीयता

संबंधित शब्द

राज़दारराज़-ओ-नियाज़असरार
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