शब्दार्थ
रंग-परीदा
rang-parīda
hiadjective
अर्थ
उड़ा हुआ रंग, फीका, पीला पड़ा हुआ, कांतिहीन।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ है 'जिसका रंग उड़ गया हो', अर्थात पीला, फीका या कांतिहीन। उर्दू शायरी में भय, विरह या दुःख से चेहरे का रंग उड़ जाने को अक्सर एक उड़े हुए परिंदे की तरह कल्पित किया जाता है। इस शे'र में उदासी और मिटी हुई रौनक को 'उड़े हुए रंग के परिंदे' के रूपक में बाँधा गया है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'rang' (color, complexion) and 'parīdah' (flown, past participle of parīdan, to fly).
प्रयोग
A frequent trope in classical ghazal to dramatize the lover's pallor and emotional exhaustion through avian metaphors of flight.
उदाहरण
चेहरा-ए-रंग-परीदा पर उदासी का साया था।
ताइर-ए-रंग-परीदा शाख़-ए-गुल तक न पहुँच सका।
समानार्थी
रंग-बाख़्ताज़र्दबे-रौनक़फीका
संबंधित शब्द
रंगपरीदाताइर
