शब्दार्थ
राख
raakh
hinoun
अर्थ
जलने के बाद बची हुई भस्म या छार।
विस्तार
शायरी में 'राख' उस भस्म का प्रतीक है जो इश्क़ या रंज की आग में सब कुछ जल जाने के बाद बाकी रह जाती है। इस शेर में यह आशिक़ के जिस्म और दिल की बची हुई राख की तरफ़ इशारा करती है, जिसे अब तलाशना व्यर्थ है। यह मुकम्मल बर्बादी और ख़ामोशी का इज़हार करती है।
व्युत्पत्ति
Derived from Prakrit 'rakkhā', tracing back to Sanskrit 'kṣāra' (ashes, corrosive substance) or 'rakṣā'.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, 'raakh' frequently serves as a poignant metaphor for the aftermath of consumed passion and total annihilation of the lover.
उदाहरण
दिल की राख में अब कोई शरार नहीं।
राख कुरेदने से अब आग नहीं सुलगती।
समानार्थी
ख़ाकस्तरभस्मछार
संबंधित शब्द
आगशोलाकुरेदनाधुआँ
