शब्दार्थ
रोक
rok
hiverb stem
अर्थ
रोकना, बाज़ रखना, मना करना या टोकना।
विस्तार
इस शेर में 'रोक' का प्रयोग संयुक्त क्रिया 'रोक लो' के रूप में हुआ है, जिसका अर्थ टोकना या बाज़ रखना है। यहाँ इसका तात्पर्य किसी को भटकाव या ग़लत रास्ते पर जाने से प्रेमपूर्वक रोकने से है। यह सज़ा के बजाय सुधार और रहमदिली की भावना को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'रुध्' (rudh, to obstruct/stop), developing through Prakrit into Hindustani 'रोकना' / 'रोक'.
प्रयोग
In ghazal poetry, it often appears in compound imperatives to portray restraining tears, checking the lover's departure, or curbing passionate impulses.
उदाहरण
रोक सको तो रोक लो इस बहते हुए दरिया को
रोकने से कभी रुकता नहीं दीवाना दिल
समानार्थी
थामअटकमनाही
संबंधित शब्द
रोकनारोक-टोकरुकावट
