शब्दार्थ
रे
re
hiinterjection
अर्थ
संबोधन, विस्मय या खेद प्रकट करने वाला अव्यय; अरे।
विस्तार
उर्दू और हिंदी काव्य में 'रे' एक विस्मयकारी अथवा संबोधात्मक अव्यय है, जो भावों की तीव्रता को उभारता है। प्रायः 'हाए' के साथ जुड़कर 'हाए रे' के रूप में यह विस्मय, पीड़ा या मुग्धता प्रकट करता है। इस शे'र में यह माशूक़ की मस्तानी और पुर-वक़ार चाल पर मुग्ध होकर प्रशंसा व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit vocative particle 'रे' (re) through Prakrit.
प्रयोग
Commonly paired with 'haye' in classical ghazals to evoke either colloquial pathos or heightened, dramatic marvel.
उदाहरण
हाए रे क़िस्मत!
सुन रे दिल-ए-नादाँ!
समानार्थी
अरेएरी
संबंधित शब्द
हाएअरेओरी
