शब्दार्थ
यकताई
yakta'i
hinoun
अर्थ
अद्वितीयता, बेमिसाल होना, एकत्व या लासानी होना।
विस्तार
इसका अर्थ अद्वितीयता, बेमिसाल होना अथवा एकत्व है, जो सूफ़ी काव्य में ईश्वर की एकता (तौहीद) के संदर्भ में भी आता है। इस शे'र में यह महबूब की अनुपम सुंदरता और लासानी होने को व्यक्त करता है। कवि कहता है कि महबूब के इस दावे के मुक़ाबले दर्पण जैसा सुंदर कोई भी बुत सामने नहीं आ सका।
व्युत्पत्ति
Persian: from 'yaktā' (یکتا, meaning single, unique, peerless) combined with the abstract noun suffix '-ī' (ی-).
प्रयोग
Frequently employed in ghazals to celebrate the peerless beauty of the earthly beloved or the divine singularity of God.
उदाहरण
हुस्न में तिरी यकताई
यकताई-ए-हक़ का जलवा
समानार्थी
अद्वितीयतालासानीबेमिसालीयगानगी
संबंधित शब्द
यकतायकयकसानीतौहीद
