शब्दार्थ
यक-लख़्त
yak-lakht
hiadverb
अर्थ
एकाएक, अचानक अथवा पूरी तरह से एक साथ।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'यक-लख़्त' का अर्थ अचानक, एकाएक अथवा सब कुछ एक साथ पूरी तरह समाप्त हो जाना होता है। प्रस्तुत शेर में इसका अर्थ दिल के सारे टुकड़ों को एक ही बार में पूरी तरह रो चुकने से है, जहाँ 'लख़्त-ए-जिगर' के साथ इसका सटीक शाब्दिक सम्बंध भी बंधा है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'yak' (one) and 'lakht' (piece, portion, moment).
प्रयोग
Frequently used in classical ghazal to denote sudden tragedy, abrupt transformation, or total depletion of endurance.
उदाहरण
यक-लख़्त बदल गया तिरे आते ही सारा हाल
तूफ़ान यक-लख़्त उठा और बिखर गया आशियाँ
समानार्थी
एकाएकअचानकदफ़अतनयकबारगी
संबंधित शब्द
लख़्तलख़्त-ए-जिगरयकसरयक-ब-यक
