शब्दार्थ

यक-रंगी

yak-rangī

hinoun

अर्थ

एकरूपता, निष्कपटता, वफ़ादारी या एक ही भाव में रहना।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'यक-रंगी' का आशय निष्कपटता, एकनिष्ठा और मन-वचन की एकरूपता से है, जो पाखंड के विपरीत है। इस शेर में यह एकनिष्ठ साधना और आंतरिक एकाग्रता को दर्शाती है, जिसे प्राप्त करने के लिए अदम्य साहस की दरकार होती है। यह साधक की अविचल निष्ठा का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'yak' (one) + 'rang' (color, state) + the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

It is frequently contrasted with 'du-rangī' (hypocrisy or duplicity) to extol unwavering loyalty in love or spiritual devotion.

उदाहरण

यक-रंगी-ए-शौक़ का इम्तिहान बाकी है

दो-रंगी छोड़ कर यक-रंग हो जा

समानार्थी

एकरूपतानिष्कपटताइख़लासवफ़ा

संबंधित शब्द

यक-रंगदो-रंगीबे-रंगीरंग
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