शब्दार्थ

यक-फ़र्द

yak-fard

hinoun phrase

अर्थ

एक सादा पन्ना; एक अकेला व्यक्ति या इकाई।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'यक-फ़र्द' का अर्थ एक अकेला पन्ना, पत्र या कोई एकाकी अस्तित्व होता है। प्रस्तुत शेर में 'यक-फ़र्द-ए-सादा' का प्रयोग एक कोरे काग़ज़ या निष्कपट अंतःकरण के अर्थ में हुआ है। यह आईने के उलट अच्छाई और बुराई के जटिल भेदों से परे एक सरल एवं पवित्र स्वभाव को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Compound of Persian 'yak' (one) and Arabic 'fard' (single, individual, leaf of paper).

प्रयोग

It is commonly employed in poetry metaphorically for a blank page of destiny, an unrecorded deed, or a solitary, detached person.

उदाहरण

यक-फ़र्द-ए-दिल पे कोई नक़्श न था

ज़िंदगी यक-फ़र्द की मानिंद सादा रही

समानार्थी

वरक़-ए-वाहिदएक पन्नातनहा वजूद

संबंधित शब्द

फ़र्दयक-क़लमफ़र्द-ए-अमलयकता
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