शब्दार्थ

यक-फ़ज़ा

yak-faza

hinoun phrase

अर्थ

एक दायरा, एक विस्तार या एक फैलाव।

विस्तार

काव्य में यह संयुक्त शब्द किसी एक फैलाव या सीमित स्थान के विस्तार को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में यह मुस्कान के खिलने के एक छोटे से दायरे के संदर्भ में आया है, जिससे दोनों जहानों की विशालता को मात्र एक मुस्कुराहट के विस्तार के बराबर तुच्छ बताया गया है। यह दुनिया की नश्वरता और आभासी महत्ता को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Compound of Persian 'yak' (one, single) and Arabic 'fazā' (open space, expanse, atmosphere).

प्रयोग

Used in classical ghazal to philosophically scale down cosmic expanse to the dimensions of a single fleeting human expression.

उदाहरण

हस्ती सिमट गई है बस यक-फ़ज़ा-ए-शौक़ में

दो-जहाँ का वजूद है यक-फ़ज़ा-ए-आह

समानार्थी

यक-वुसअतयक-आलमयक-गोशा

संबंधित शब्द

फ़ज़ावुसअतख़ंदाब-क़द्र
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