शब्दार्थ

यक-तमाशा

yak-tamaasha

hinoun

अर्थ

एक दीदार, एक झलक या एक नज़ारा।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'यक' उपसर्ग एकत्व या एक झलक का बोध कराता है। इस शे'र में 'यक-तमाशा' उस अद्वितीय और अकेले दीदार या दृश्य को दर्शाता है जिसके लिए आईने का जुनून बेचैन है। यह महबूब के एक बार के जलवे की बेपनाह तलब की ओर संकेत करता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'yak' (one) + Arabic 'tamāshā' (spectacle, strolling, sight).

प्रयोग

Used in classical ghazals to express the craving for a singular, miraculous revelation of beauty.

उदाहरण

यक-तमाशा-ए-जमाल की हसरत

यक-तमाशा ही में सद-रंग नज़र आए

समानार्थी

यक-दीदारएक झलकयक-नज़ारा

संबंधित शब्द

तमाशायक-रंगयक-जल्वातमाशाई
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