शब्दार्थ
यक-ज़र्रा
yak-zarra
hinoun
अर्थ
धूल का एक कण, अत्यंत सूक्ष्म अंश।
विस्तार
फ़ारसी संख्यावाचक 'यक' (एक) और 'ज़र्रा' (कण) से मिलकर बना यह शब्द किसी पदार्थ के सूक्ष्मतम अंश को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में इसका आशय यह है कि बाग़ की मिट्टी का एक छोटा-सा कण भी व्यर्थ अथवा निष्प्रयोजन नहीं है। यह प्रतीक है कि अत्यंत साधारण वस्तु भी आंतरिक ज्वाला और गरिमा से युक्त होती है।
व्युत्पत्ति
Compound of Persian 'yak' (one) and Arabic 'zarrah' (atom, speck, particle).
प्रयोग
Commonly employed in Urdu ghazal to express self-effacement, humility, or the profound latent power resting within the humblest entity.
उदाहरण
यक-ज़र्रा-ए-ख़ाक भी यहाँ बे-मक़सद नहीं
यक-ज़र्रा भी महरूम-ए-तजल्ली न रहा
समानार्थी
ज़र्रारेज़ाकणशम्मा
संबंधित शब्द
यक-मुश्तज़र्रा-नवाज़ख़ाकग़ुबार
