शब्दार्थ

यक-आलम-अफ़्सुर्दगाँ

yak-ālam-afsurdagāñ

hinoun phrase

अर्थ

उदास और मायूस लोगों की एक पूरी दुनिया।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू-फ़ारसी शायरी में यह पद हताश, उदास और टूटे हुए लोगों के एक पूरे संसार को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में शायर स्वयं को अनगिनत अफ़्सुर्दा दिलों का सम्मिलित संकल्प या इरादा बताता है। यह व्यक्तिगत व्यथा को सार्वभौमिक और वृहद् स्तर पर प्रस्तुत करता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'yak' (one, a whole) + Arabic 'ālam' (world) + Persian 'afsurdagān' (plural of afsurda, meaning frozen, withered, or dejected).

प्रयोग

Used in high-register classical ghazals to evoke an immense, boundless landscape of shared grief and psychological desolation.

उदाहरण

यक-आलम-अफ़्सुर्दगाँ की ख़ामोशी दिल को दहला देती है।

सीने में यक-आलम-अफ़्सुर्दगाँ का दर्द लिए फिरता है।

समानार्थी

आलम-ए-अफ़्सुर्दगीजहाँ-ए-मायूसीबज़्म-ए-गमज़दगाँ

संबंधित शब्द

अफ़्सुर्दाशिकस्तनआलमदिल-फ़िगार
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