शब्दार्थ

यक-अर्सा

yak-arsā

hinoun phrase

अर्थ

एक विस्तृत मैदान या एक ही अखंड विस्तार।

विस्तार

फ़ारसी 'यक' (एक) और अरबी 'अरसा' (मैदान या काल) से मिलकर बना यह शब्द एक संयुक्त व अखंडित विस्तार को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह समस्त छह दिशाओं को दौड़ने के लिए एक ही अविभाज्य अखाड़ा या क्रीड़ा-क्षेत्र बताता है। यह थकान के कारण मंज़िलों में अंतर आने से पहले के असीम विस्तार को चित्रित करता है।

व्युत्पत्ति

Compound of Persian 'yak' (one) and Arabic 'ʿarṣah' (open space, court, or expanse).

प्रयोग

In classical Urdu poetry, it is employed conceptually to portray total spatial openness or a singular theatre of action.

उदाहरण

यक-अर्सा-ए-जहाँ में कोई हम-क़दम न था

शश-जिहत उस के लिए बस यक-अर्सा-ए-जौलाँ थी

समानार्थी

यक-मैदानअखंड विस्तारवाहिद मैदान

संबंधित शब्द

अर्सा-ए-जौलाँशश-जिहतजौलाँगाहताख़तन
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