शब्दार्थ
यावगी
yaavagii
hinoun
अर्थ
व्यर्थता, प्रलाप, बेतुकापन या बेहूदापन।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में यह शब्द व्यर्थ की बातों, प्रलाप या बेतुके भटकाव को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह आशिक़ के आंतरिक विक्षेप और दीवानगी का प्रतीक है, जिसे उसका उदार स्वभाव दुनिया की नज़रों से छिपाए रखता है।
व्युत्पत्ति
Persian: yāva (یاوہ, lost/futile/vain) + suffix -gī (گی, state or quality).
प्रयोग
In ghazal traditions, it commonly describes the incoherent, rambling state of a lover driven to distraction by intense sorrow.
उदाहरण
यावगी-ए-दिल
पर्दा-दार-ए-यावगी
समानार्थी
बेहूदागीहज़यानप्रलाप
संबंधित शब्द
यावायावा-गोईवारस्तगी
