शब्दार्थ
या-रब
ya-rab
hiinterjection
अर्थ
हे प्रभु!, हे ईश्वर!, हे भगवान!
विस्तार
यह ईश्वर को संबोधित करने वाला एक विस्मयादिबोधक पद है, जिसका प्रयोग प्रार्थना, विरह या अचरज की स्थिति में किया जाता है। प्रस्तुत शेर में यह विस्मय और दार्शनिक जिज्ञासा का भाव प्रकट करता है, जहाँ कवि पूछता है कि यह श्वास आख़िर किस प्रियतम की जल्वा-गाह की धूल मात्र है।
व्युत्पत्ति
Arabic: compound of the vocative particle 'yā' (یا, 'O') and 'rabb' (رب, 'Lord, Sustainer').
प्रयोग
Ubiquitous in classical ghazal to open lines of desperate prayer, lover's lamentation, or metaphysical bewilderment.
उदाहरण
या-रब, दिल-ए-मर्हूम को सब्र अता कर।
या-रब, वो न समझे हैं न समझेंगे मेरी बात।
समानार्थी
ऐ ख़ुदाइलाहीऐ रब
संबंधित शब्द
रबपरवरदिगारदुआइल्तिजा
