शब्दार्थ

यौम-उल-हिसाब

yaum-ul-hisaab

hinoun

अर्थ

क़यामत का दिन; कर्मों के अंतिम हिसाब-किताब का दिन।

विस्तार

'यौम-उल-हिसाब' से तात्पर्य क़यामत के उस दिन से है जब ईश्वर के सम्मुख कर्मों का लेखा-जोखा होता है। प्रस्तुत शेर में यह शब्द एक भारी उथल-पुथल और न्याय के दृश्य के रूपक के तौर पर प्रयुक्त हुआ है, जहाँ बुलबुल और गुलाब का उलझाव प्रलय के दिन का नमूना बन गया है। यह शब्द इश्क में चरम तनाव और परिणाम की गंभीरता को उजागर करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic compound: 'yawm' (day) + 'al-hisaab' (the reckoning, the accounting).

प्रयोग

Classical poets invoke this eschatological event to hyperbolize the agonizing tumult of love or the fateful confrontation between lover and beloved.

उदाहरण

यौम-उल-हिसाब के ख़ौफ़ से दिल काँप उठता है।

यौम-उल-हिसाब में हर एक अश्क का शुमार होगा।

समानार्थी

रोज़-ए-महशरयौम-ए-क़यामतरोज़-ए-हिसाब

संबंधित शब्द

क़यामतहश्ररोज़-ए-जज़ाहिसाब
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