शब्दार्थ

यानी

yaani

hiconjunction

अर्थ

अर्थात्; मतलब यह कि; मुराद यह है कि।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'यानी' का प्रयोग किसी बात की व्याख्या या निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए 'अर्थात' या 'मतलब यह कि' के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शे'र में यह शब्द महबूब की बेरुखी और उससे निकाले गए एक विरोधाभासी अर्थ को जोड़ने का काम करता है। यह पहले मिसरे की बात पर तंजिया अथवा आशिकाना अंदाज़ में नया अर्थ पहनाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic origin; from the 3rd-person singular imperfect verb 'yaʿnī' (he/it means), from the root ʿ-n-y meaning to signify or concern.

प्रयोग

Frequently used in the ghazal to introduce a clever twist, irony, or philosophical reinterpretation in the second hemistich.

उदाहरण

ख़ामोशी भी इक़रार है यानी बात बन गई

वो न आए यानी वादा टूट गया

समानार्थी

अर्थातमतलबगोया

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मानामुरादअल्फ़ाज़
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