शब्दार्थ
या'नी
ya'ni
hiconjunction
अर्थ
अर्थात्, मतलब यह कि, आशय यह है।
विस्तार
यह शब्द एक व्याख्यात्मक संयोजक अव्यय है जिसका अर्थ 'अर्थात्' या 'कहने का मतलब यह है' होता है। इस शे'र में यह पहले मिसरे की व्यथा का कारण स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त हुआ है, यानी आशिक़ के न रहने पर माशूक़ों के नाख़ून उसके ख़ून से रंगने (मेंहदी लगाने) के मोहताज हो जाएँगे। यह दोनों मिसरों के बीच एक तार्किक और काव्यपरक सम्बंध जोड़ता है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin; the third-person imperfect form of the verb 'anā (عَنَى), literally meaning 'he/it means' or 'signifies'.
प्रयोग
In classical ghazal, it is commonly placed at a hemistich's end or juncture to set up an inventive poetic justification (husn-e-ta'lil) or startling clarification.
उदाहरण
हाल-ए-दिल कह दिया या'नी सब कुछ जता दिया
ख़ामोशी का सबब या'नी रज़ामंदी है
समानार्थी
अर्थात्मतलबगोया
संबंधित शब्द
मा'नीमफ़हूममुराद
