शब्दार्थ
या
yā
hiconjunction
अर्थ
या, अथवा, या तो... या।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'या' एक समुच्चयबोधक अव्यय है जिसका अर्थ 'अथवा' या 'या तो' होता है। इस शे'र में इसका प्रयोग दोहरी स्थिति ('या रोए या रुलाया') को दर्शाते हुए जीवन के निरंतर क्लेश और एकाकीपन को उभारने के लिए हुआ है।
व्युत्पत्ति
Persian 'یا' (yā), denoting disjunction or alternative.
प्रयोग
In ghazal verses, 'या' is commonly doubled across a misra to frame inescapable polarities of passion, grief, or destiny.
उदाहरण
या विसाल-ए-यार हो या मौत आए
या रब मिरी दुआ को असर दे
समानार्थी
अथवाकिन्वाख़्वाह
संबंधित शब्द
अथवाख़्वाहगर
