शब्दार्थ

महशर

mahshar

hinoun, masculine

अर्थ

प्रलय का दिन; क़यामत; भारी भीड़ या उपद्रव।

विस्तार

इस्लामी परंपरा में महशर उस स्थान या दिन को कहते हैं जहाँ प्रलय के बाद सब लोग न्याय के लिए एकत्र होंगे। प्रस्तुत शेर में यह 'दावर-ए-महशर' (क़यामत के दिन के न्यायकर्ता अर्थात ईश्वर) के संदर्भ में आया है, जिससे आशिक़ के ज़ख़्म माशूक़ के सितम का इंसाफ़ माँगते हैं। उर्दू शायरी में यह शब्द भारी उपद्रव, विरह की व्याकुलता और अंतिम न्याय के प्रतीक रूप में प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic, from the root ح-ش-ر (ḥ-sh-r), meaning to gather, assemble, or crowd together.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is often paired with words like 'hungama' or 'barpa' to evoke lovers' chaos or the final courtroom where the beloved must answer for cruelty.

उदाहरण

हंगामा-ए-महशर

दावर-ए-महशर

समानार्थी

क़यामतरोज़-ए-जज़ाहश्र

संबंधित शब्द

दावरहश्रइंसाफ़हिसाब
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