शब्दार्थ
महर-वरज़ी
mehr-warzī
hinoun
अर्थ
प्रेम, कृपा अथवा स्नेह का व्यवहार करना।
विस्तार
महर-वरज़ी का अर्थ प्रेम, अनुग्रह और स्नेह का निरंतर अभ्यास या आचरण करना है। प्रस्तुत शे'र में यह प्रेम के उस बाग़ की ओर संकेत करता है जहाँ आशिक़ के दिल के ज़ख़्म और आँसू, फूल और ओस के समान खिल उठते हैं। यह शब्द प्रेम को केवल एक भावना न मानकर एक जीती-जागती साधना और व्यवहार के रूप में प्रस्तुत करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'mihr' (love, affection) and 'varzī' (practice, cultivation, from the verb 'varzīdan').
प्रयोग
Common in classical Persian and Urdu ghazal to denote devotion, kindness, or the deliberate practice of romantic fidelity.
उदाहरण
तेरी महर-वरज़ी ने दिल के उजड़े बाग़ को हरा कर दिया।
गुलशन-ए-उल्फ़त में महर-वरज़ी का दस्तूर पुराना है।
समानार्थी
उल्फ़तइनायतमुहब्बतकृपा
संबंधित शब्द
महरवरज़िशमहरबानीशफ़क़त
