शब्दार्थ
महर
mihr
hinoun
अर्थ
सूर्य, सूरज, आफ़ताब।
विस्तार
क्लासिकल शायरी में 'महर' का अर्थ सूर्य अथवा कृपा और प्रेम होता है। प्रस्तुत शेर में 'महर-ए-गर्दूँ' (आसमान का सूरज) के रूप में इसका प्रयोग सूर्य के अर्थ में हुआ है। यहाँ यह दर्शाया गया है कि ब्रह्मांड की सबसे दैदीप्यमान शक्ति भी हवा के सामने रखे चिराग जैसी नश्वर है।
व्युत्पत्ति
Persian 'mihr' (مہر), from Middle Persian 'mihr', tracing back to Old Persian/Avestan 'Mithra'.
प्रयोग
In classical ghazal tradition, 'महर' is frequently paired with 'माह' (the moon) to symbolize cosmic constancy, contrast, or the inexorable passage of time.
उदाहरण
महर-ए-गर्दूँ
महर-ओ-माह
समानार्थी
सूरजआफ़ताबख़ुरशीदशम्स
संबंधित शब्द
माहगर्दूँआफ़ताबज़वाल
