शब्दार्थ
मसजूद
masjood
hinoun
अर्थ
जिसको सजदा किया जाए; उपास्य, पूज्य या माबूद।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी और तसव्वुफ़ में 'मसजूद' उस हस्ती को कहते हैं जिसके सामने सजदा किया जाए, यानी ईश्वर या प्रतीकात्मक रूप से महबूब। प्रस्तुत शे'र में यह उस परम सत्ता का द्योतक है जो मानव बुद्धि और समझ की सीमा से परे है। यहाँ ज़ाहिरी क़िबले को केवल एक दिशा-सूचक बताया गया है, असली मसजूद नहीं।
व्युत्पत्ति
Arabic, from the root s-j-d (س-ج-د, to prostrate); passive participle pattern maf'ūl (مفعول).
प्रयोग
In mystical ghazals, it frequently appears as 'masjood-e-haqeeqi' (the true object of worship) to contrast inner spiritual devotion with outward ritualistic worship.
उदाहरण
दिल ने अपने हक़ीक़ी मसजूद को पहचान लिया।
मसजूद-ए-हक़ीक़ी के आगे सर झुकाना ही बंदगी है।
समानार्थी
माबूदउपास्यपूज्य
संबंधित शब्द
सजदासाजिदमस्जिद
