शब्दार्थ
मस्तूरी
mastūrī
hinoun
अर्थ
छिपाव, पर्दा या ओझल रहने की अवस्था।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और सूफ़ी दर्शन में 'मस्तूरी' का तात्पर्य छिपाव, पर्दानशीनी या गुप्त रहने की अवस्था से है। इस शेर में यह 'तजल्ली' (दिव्य प्रकटीकरण) के साथ एक विरोधाभास प्रस्तुत करता है, जहाँ ज़ाहिर होना ही असल में छिपाव का रूप बन जाता है। इस प्रकार जो नज़र आता है, वह भी अपनी हक़ीक़त में ओझल ही रहता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (from 'mastūr', passive participle of the root 'satara' meaning to cover/veil) + Persian abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
Frequently juxtaposed with 'zuhur' (manifestation) in mystical ghazals to illustrate the metaphysical paradox of divine transcendence versus immanence.
उदाहरण
पर्दा-ए-मस्तूरी में छुपा राज़
ऐन-ए-मस्तूरी है ज़ुहूर उसका
समानार्थी
पोशीदगीपर्दा-दारीइख़्फ़ाहिजाब
संबंधित शब्द
मस्तूरसत्रज़ुहूरतजल्ली
