शब्दार्थ
मस्जूद
masjood
hinoun
अर्थ
जिसके आगे सजदा किया जाए; पूज्य अथवा उपास्य।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'मस्जूद' उस सत्ता को कहते हैं जिसके आगे सजदा (प्रणाम) किया जाए। यह प्रायः ईश्वर, महबूब, या हज़रत आदम (मनुष्य) के लिए प्रयुक्त होता है जिन्हें फ़रिश्तों ने सजदा किया था। प्रस्तुत शे'र में शायर मनुष्य की आत्म-गरिमा को रेखांकित करते हुए इस ख़ाक के पुतले को ही पूज्य मानता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, passive participle from the trilateral root s-j-d (س-ج-د), meaning to prostrate or bow down.
प्रयोग
Frequently employed in ghazals to evoke the Sufi motif of Adam's exalted station over angels or to exaggerate the sacred devotion owed to the beloved.
उदाहरण
मस्जूद-ए-दिल के हुज़ूर सर झुकाना
ख़ाक का पैकर मस्जूद-ए-मलाइका ठहरा
समानार्थी
माबूदपूज्यक़िब्लासनम
संबंधित शब्द
सजदासाजिदमस्जिदसुजूद
