शब्दार्थ
मर्हबा
marhaba
hiinterjection
अर्थ
स्वागत; शाबाश; आफ़रीं; जयकार।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'मर्हबा' स्वागत, शाबाशी या प्रशंसा प्रकट करने वाला शब्द है। प्रस्तुत शेर में इसका प्रयोग अत्यंत मार्मिक और विरोधाभासी भाव में हुआ है, जहाँ आशिक़ अपनी ज़बान काटने वाले ख़ंजर का भी अभिवादन करता है। यह माशूक़ के सितम के सामने पूर्ण समर्पण और पीड़ा को भी सहर्ष स्वीकार करने की भावना को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic مَرْحَبًا (marḥaban), an adverbial accusative from the root r-ḥ-b (ر ح ب) meaning 'to be spacious, roomy, open'.
प्रयोग
In ghazals, it is frequently used to acclaim beauty or courage, or paradoxically to embrace death and torment inflicted by the beloved.
उदाहरण
मर्हबा ऐ शौक़-ए-शहादत मर्हबा!
तीर-ए-सितम को भी मर्हबा कहिए।
समानार्थी
आफ़रींशाबाशख़ुश-आमदीदज़हे
संबंधित शब्द
ख़ंजरक़ातिलतहसीनसलामी
