शब्दार्थ
मरो
maro
hiverb
अर्थ
मरो, प्राण त्याग दो (विकल्प या आज्ञा सूचक)।
विस्तार
इस शेर में 'मरो' का प्रयोग 'मरो या जियो' की मुहावरेदार अभिव्यक्ति में हुआ है। यह महबूब की पूर्ण बेरुखी और आशिक़ के जीने या मरने के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। यह क्रिया 'मरना' का मध्यम पुरुष रूप है जो यहाँ उपेक्षापूर्ण विकल्प प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'म्रियते' (mriyate), through Prakrit 'मरइ' (marai), evolving into Hindustani 'मरना' (marnā).
प्रयोग
In classical ghazal, it often pairs with 'jiyo' to dramatize the cruel negligence of the beloved toward the lover's suffering.
उदाहरण
मरो या जियो, उसे कोई ख़बर नहीं
शौक़-ए-शहादत में मरो तो नाम हो
समानार्थी
जान दोहलाक होदम तोड़ो
संबंधित शब्द
मरनामौतजियोहलाकत
